पूर्वजन्म में कौन थे केवट, कैसे मिले प्रभु से

इनपूट-नई दुनिया
May 22 / 2017

केवट, वाल्मीकि रामायण के पात्र हैं। जिन्होंने प्रभ श्रीराम, सीता और लक्ष्मण जी को नदी पार करवाई थी। अयोध्या कांड में केवट के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है।

कहते हैं सृष्टि के आरंभ में केवट का जन्म जब हुआ था, तब धरती जलमग्न थी। वह एक कछुए के रूप में जन्में थे। और उस रूप में वह श्रीहरि के अमिट भक्त थे। तब उस कछुए ने मोक्ष पाने की हार्दिक इच्छा के साथ विष्णु जी के अंगूठे के स्पर्श की असफल कोशिश की थी।

इस घटना के बाद केवट ने अपने पूर्वजन्म यानी कछुए के रूप में कई वर्षों तक तप किया। और भगवान ने उसके तप को देखते हुए। केवट को मानव योनि दी। तब वह केवट के रूप में जन्मा, जिन्होंने प्रभु राम, सीता और लक्ष्मण को नदी पार करवाई थी।

ऐसे हुई थी केवट से भेंट

पौराणिक शोधकर्ताओं का मानना है कि सबसे पहले प्रभु श्रीराम तमसा नदी पहुंचे थे। जो अयोध्या से 20 किमी दूर है।

इसके बाद उन्होंने गोमती नदी पार की और प्रयागराज(इलाहाबाद) से 20-22 किलोमीटर दूर वेश्रृंगवेरपुर पहुंचे थे जो निषादराज गुह का राज्य था। यहीं पर गंगा के तट पर उन्होंने केवट से गंगा पार करने को कहा था।

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